
देहरादून – इस मंगलवार रोमियो लेन (Romeo Lane) की हवा में केवल लज़ीज़ व्यंजनों की महक ही नहीं थी, बल्कि उत्तराखंड के सबसे प्रभावशाली नीति-निर्धारकों की ऊर्जा भी साफ महसूस की जा रही थी। NRAI (नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया) देहरादून चैप्टर द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन ने यह साबित कर दिया कि दून घाटी का F&B (खाद्य एवं पेय) क्षेत्र अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सत्ता और विज़न का मिलन
कार्यक्रम में राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप (IPS) ने अपने ओजस्वी संबोधन में शहर के रेस्टोरेंट संचालकों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पुलिस प्रशासन और NRAI को मिलकर ‘रिस्पॉन्सिबल ड्रिंकिंग’ (जिम्मेदार शराब सेवन) को बढ़ावा देना चाहिए। उनका विज़न स्पष्ट है—प्रशासन और NRAI के बीच एक मजबूत तालमेल, ताकि उत्तराखंड अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए एक सुरक्षित और चमकता हुआ केंद्र बना रहे।
शासन की एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में, विशिष्ट अतिथि श्री पी.सी. दुम्का (श्रम आयुक्त, उत्तराखंड) ने F&B क्षेत्र में श्रम अनुपालन (Labour Compliance) की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक खुशहाल टीम ही किसी भी सफल ब्रांड की असली नींव होती है।
व्यापार और प्रशासन के बीच का सेतु

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्री सिद्धार्थ अग्रवाल (भाजपा महानगर अध्यक्ष एवं व्यापार मंडल अध्यक्ष) ने कूटनीति और संतुलन का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। उन्होंने बताया कि कैसे वह व्यापारिक घरानों और नौकरशाहों के बीच की खाई को पाटने और दोनों के बीच एक आदर्श संतुलन बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
वहीं, विशिष्ट अतिथि श्री वी.के. जोशी (जिला आबकारी अधिकारी) ने आबकारी विभाग और NRAI के बीच कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का आह्वान किया, ताकि जिम्मेदार शराब सेवन के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता पैदा की जा सके।
विज़नरी नेतृत्व और उद्योग के दिग्गज
NRAI देहरादून चैप्टर के हेड, अविनाश मिश्रा ने उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में F&B क्षेत्र के विशाल योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि यह क्षेत्र न केवल राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान दे रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया भी है। अविनाश ने प्रशासन से अनुरोध किया कि NRAI और सरकार मिलकर एक ऐसा इकोसिस्टम (Ecosystem) तैयार करें जिससे उत्तराखंड में हॉस्पिटलिटी सेक्टर का सतत विकास (Sustainable Growth) सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे ‘मलका स्पाइस’ (Malaka Spice) के संस्थापक श्री प्रफुल्ल चंदावरकर। उद्योग के इस दिग्गज ने बड़े ही बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि ‘गैर-जिम्मेदाराना शराब सेवन’ न केवल किसी अप्रिय घटना का कारण बनता है, बल्कि इससे रेस्टोरेंट उद्योग को भारी व्यावसायिक नुकसान और प्रतिष्ठा की क्षति भी होती है। उनका संदेश साफ था: ‘जिम्मेदारी ही नया लग्जरी (Luxury) है।’
निष्कर्ष
’SIP SMART’ ट्रेनिंग से लेकर ‘रेज़िलिएंट ब्रांड्स’ (मजबूत ब्रांड) बनाने की वर्कशॉप तक, यह केवल एक बैठक नहीं बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत थी। जैसे-जैसे शाम ढली, एक बात स्पष्ट हो गई—अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में NRAI देहरादून चैप्टर के माध्यम से उत्तराखंड की हॉस्पिटलिटी न केवल बढ़ रही है, बल्कि अब और अधिक परिपक्व और जिम्मेदार हो रही है।
